Sunday 4 September 2011

Swami sab sansaar ke ho saanche Shri bhagwaan



स्वामी सब संसार के हो सांचे श्रीभगवान।
स्थावर जंगम पावक पाणी धरती बीज समान॥
 
सब में महिमा थांरी देखी कुदरत के करबान।
बिप्र सुदामा को दालद खोयो बाले की पहचान॥

दो मुट्ठी तंदुल कि चाबी दीन्ह्यों द्रव्य महान।
भारत में अर्जुन के आगे आप भया रथवान॥

अर्जुन कुलका लोग निहार्‌या छुट गया तीरकमान।
 
कोई मारे ना कोई मरतो, तेरो यो अग्यान।
चेतन जीव तो अजर अमर है, यो गीतारो ग्यान॥
 
मेरे पर प्रभु किरपा कीजो, बांदी अपणी जान।
मीरां के प्रभु गिरधर नागर चरण कंवल में ध्यान॥

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