Thursday 23 June 2011

Happy Father's day - Ma Baap ki sewa apne aap me Phal hai


दिन भर की भाग दौड़ में याद ही नहीं रहता ये
रोज़ मिलना बातें करना पर फिर भी दिल भूल जाता ये
फादर्स डे पर क्या पापा को विश करने की ज़रूरत है
फिर दिल कहता है अरे पगले उन्हें कैसे पता चलेगा आज फादर्स डे है
मम्मी को तो मदर्स डे पर विश करना अच्छा लगता है
पर पापा को विश करने में भी दिल घबराता सा है
उनके अनुशासन और प्रेम के आगे लेकिन संकोच टूट जाता है
उनके बलिदानों को याद कर आँखों में सावन उभर आता है


और दिल कहता है बोल दे बिंदास ,पापा आपका बेटा आपको बहुत चाहता है


ज़िन्दगी में जैसा भी हूँ आप की वजह से हूँ
अपनी किलकारियों को सुन सकता आपकी वजह से हूँ
मैं आप जैसा ज़रा भी अच्छा बन पाऊं और कोई तमन्ना नहीं
हाँ ये सच है मैं खुलके आपसे कभी ये बोल सकता नहीं
जीवन में आपने ही चलना हसना बोलना दौड़ना सिखाया
आपने ही तो दूसरों के ग़म में दुखित होना सिखाया
जब कभी पुराने खिलौनों से ऊब कर रोने लगा मैं
आपने पीठ पर बैठाया तो हसने लगा था मैं



ओ पापा मैं आपको कितना चाहता हूँ मैं कभी बता नहीं सकता
बस इतना है की आपके प्रति प्रेम को मैं छह कर छुपा नहीं सकता
प्यार मोहब्बत दोस्ती से पहले रिश्ता माँ -बाप का होता है हमसे
आप के लिए कभी लिखा नहीं पर आज ये खुद ही लिख गया मुझसे
जीवन में एक प्रतिशत भी आपसा बन सका तो जीवन सफल समझुंगा
आप ही तो मेरे असली हीरो हैं जानता नहीं क्या आपसे कभी ये कह सकुंगा
आपकी ही दी हुई प्रेरणा पल पल मुझे प्रोत्साहित करती है
ज़िन्दगी में मुश्किलें भी हल हैं बात कौंधा करती है


मैं आपको क्या दूँ क्यूँ की बेटा तो हमेशा बेटा ही रहता है
हाँ आपसे कह सकूँ या न पर आपका बेटा आपको बहुत चाहता है
माँ -बाप के आशीष से ही इंसान इंसान बनता है
माँ -बाप की सेवा करना अपने आप में फल होता है

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